पहचानें अंतःकरण को #992046

di Dada Bhagwan

Dada Bhagwan Vignan Foundation

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मनुष्य जीवन की सार्थकता आंतरिक शांति प्राप्त करने में और अंत में अपने स्व-स्वरूप को पहचानने में है। इस यात्रा में सबसे बड़ा अवरोध भी हमारा अंतःकरण है और सबसे बड़ा साधन भी वही है। मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार – अंतःकरण के ये चार भाग कैसे कार्य करते हैं, उनके बीच क्या संबंध है और उनसे परे कैसे जाया जा सकता है, यह समझना आध्यात्मिक प्रगति के लिए अनिवार्य है। इस पुस्तक में परम पूज्य दादाश्री ने अत्यंत सरल, सहज और दृष्टांतयुक्त शैली में अंतःकरण के इन चारों पहलुओं का गहन विश्लेषण किया है। आमतौर पर हम इन शब्दों का प्रयोग तो करते हैं, लेकिन उनके वास्तविक स्वरूप, उनकी कार्यप्रणाली और उनके बीच की भेदरेखा से कई बार अनजान होते हैं। दादाश्री इन चारों अंगों की आंतरिक कार्यप्रणाली, उनके स्वरूप और देह में उनके स्थान की सटीक जानकारी दी हैं। इसके अतिरिक्त, पशुओं और मनुष्यों के अंतःकरण के बीच का अंतर, बच्चों का अंतःकरण, मनुष्यों में अंतःकरण का डेवेलपमेन्ट और अंतःकरण की शुद्धि के उपायों पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है।
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Altre informazioni:

ISBN:
9788199202214
Formato:
ebook
Anno di pubblicazione:
2024
Dimensione:
413 KB
Protezione:
nessuna
Lingua:
Altre lingue
Autori:
Dada Bhagwan
accessible:
true